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छोभना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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छोभना पु क्रि॰ अ॰ [हिं॰ छोभ+ना (प्रत्य॰)] चित्त का विचलित होना । करुणा, दुःख, शंका, मोह, लोभ आदि के कारण चित्त का चंचल होना । जी में खलबली होना । क्षुब्ध होना । उ॰—(क) जासु बिलोकि अलौकिक सोभा । सहज पुनीत मोर मनु सोभा ।—मानस, १ । २३१ । (ख) नीकें निरखि नयन भरि सोभा । पितु पन सुमिरि बहुरि मनु छोभा ।—मानस, १ । २५८ ।