जखीरेवाजी

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

जखीरेवाजी संज्ञा स्त्री॰ [फा़॰ जखीरेबाज + ई] अघ आदि या उपमोग में आनेवाली और बिकनेवाली वस्तुओं का इस विचार से संचय करना कि जब महँगी होगी तब इसे बेचेंगे ।