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जटासुर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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जटासुर संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. एक प्रसिद्ध राक्षस । विशेष—यह द्रौपदी के रूप पर मोहित होकर ब्राह्मण के वेश में पांडवों के साथ मिल गया था । एक बार इसनें भीम की अनुपस्थिति में द्रौपदी, युधिष्ठिर, नकुल और सहदेव को हरण कर ले जाना चाह था, पर मार्ग में ही भीम ने इसे मार डाल था ।

२. बृहत्संहिता के अनुसार एक देश का नाम ।