जड़ना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]जड़ना क्रि॰ स॰ [सं॰ जटन] [संज्ञा जड़िया, जड़ाई, वि॰ जड़ाऊ]
१. एक चीज को दूसरी चीज में पच्ची करके बैठाना । पच्ची करना । जैसे, अंगुठी में नग जड़ना ।
२. एक चीज को दूसरी चीज में ठीक कर बैठाना । जैसे, कील जड़ना, नाल जड़ना । संयो॰ क्रि॰—डालना ।—देना ।—रखना ।
३. किसी वस्तु से प्रहार करना । जैसे, धौल जड़ना, थप्पड़ जड़ना ।
४. चुगली या शिकायत के रूप में किसी के विरुद्घ किसी से कुछ कहना । कान भरना । जैसे,—किसी ने पहले ही उनसे जड़ दिया था, इसीलिये वे यहाँ नहीं आए । संयो॰ क्रि॰—देना । उ॰—और बन्नो को सुनिए कि चट जा के बेगम साहब से जड़ दी कि हुजूर, अब जरी गफलत न करें । सैर कु॰, पृ॰ २९ ।