जड़भरत
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]जड़भरत संज्ञा पुं॰ [सं॰ जडभरत] अंगिरस गोत्री एक ब्राह्मण जो जड़वत् रहते थे । विशेष—भागवत में लिखा है कि राजा भरत ने अपने बानप्रस्थ आश्रम में एक हिरन के बच्चे को पाला था और उसके साथ उनका इतना प्रेम था कि मरते दम तक उन्हें उसकी चिंता बनी रही । मरने पर वे हिरन की योनि में उत्पन्न हुए, पर उन्हें पुण्य के प्रभाव से पूर्व जन्म का ज्ञान बना रहा । उन्होंने हिरन का शरीर त्याग कर फिर ब्राह्मण के कुल में जन्म लिया । वह संसार की भावना से बचने के लिये जड़वत् रहते थे इसीलिये लोग उन्हें जड़भरत कहते थे ।