जनाजा
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]जनाजा संज्ञा पुं॰ [अ॰ जनाजह्]
१. मृतक शरीर । मुर्दा । शव । लाश । उ॰—खुदी खूब की खोइ जनाजा जियतै करना ।— पलटू॰, पृ॰ १४ ।
२. अरथी या वह संदूक जिसमें लाश को रखकर गाड़ने, जलानै या और किसी प्रकार की अंतिम क्रिया करने के लिये ले जाते है । उ॰—छुटेंगे जीस्त के फंदे से कौन दिन् आतिश । जनाजा होगा कब अपना रवाँ नहीं मालूम ।—कविता कौ॰, भा॰ ४, पृ॰ ३८१ । क्रि॰ प्र॰—उठना । निकलना ।—रवाँ होना ।