जपतप
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]जपतप संज्ञा पुं॰ [हिं॰ जप + तप] संध्या, पूजा, जप और पाठ आदि । पूजा पाठ । उ॰—जपतप कछु न होइ तेहि काला । है विधि मिलइ कवन विधि बाला ।—मानस, १ ।१३१ ।
जपतप संज्ञा पुं॰ [हिं॰ जप + तप] संध्या, पूजा, जप और पाठ आदि । पूजा पाठ । उ॰—जपतप कछु न होइ तेहि काला । है विधि मिलइ कवन विधि बाला ।—मानस, १ ।१३१ ।