जमीन्दार
संज्ञा
[सम्पादित करें]जमीन्दार
- भूमि का स्वामी; वह व्यक्ति जिसके पास बड़ी मात्रा में कृषि भूमि होती है।
- ऐतिहासिक रूप से वह व्यक्ति जो किसानों से कर वसूलता था और राजा को कर देता था।
उच्चारण
[सम्पादित करें]IPA: /d͡ʒə.miːn.d̪ɑːɾ/
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]जमींदार संज्ञा पुं॰ [फ़ा॰ जमीनदार] जमीन का मालिक । भूमि का स्वामी । विशेष—मुसलमानों के राजत्वकाल में जो मनुष्य किसी छाट प्रांत, जिले या कुछ गावों का भूमिकर लगाने और सरकारी खजाने में जमा करने के लिये नियुक्त होता था, वह जमींदार कहलाता था और उसे उगाहे हुए कर का दसवाँ भाग पुरस्कार स्वरूप दिया जाता था । पर, जब अंत में मुसलमान शासक कमजोर हो गए तब वे जमींदार अपने अपने प्रांतों के स्वतंत्र रूप से प्रायः मलिक बन गए । अंगरेजी राज्य में जमीदार लोग अपनी अपनी भूमि के पूरे पूरे मालिक समझे जाते थे और जमींदारी पैतृक होती थी । ये सरकार को कुछ निश्चित वार्षिक कर देते थे और अपनी जमीदारी का संपत्ति की भाँति जिस प्रकार चाहें, उपयोग कर सकते थे । काश्तकारों आदि को कुछ विशिष्ट नियमों के अनुसार वे अपनी जमीन स्वयं ही जोतने बोने आदि के लिये देते थे और उनसे लगान आदि लेते थे । भारत के स्वतंत्र हो जाने पर लोकतांत्रिक सरकार ने जमींदारी प्रथा का वैधानिक उंन्मूलन कर दिया है ।
उदाहरण वाक्य
[सम्पादित करें]- पुराने समय में जमीन्दार किसानों से लगान वसूलते थे।
- गाँव के जमीन्दार के पास बहुत सारी ज़मीन थी।