सामग्री पर जाएँ

जमोग

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

जमोग † संज्ञा पुं॰ [हिं॰ जमोगना]

१. जमोगने अर्थात् स्वीकार कराने की क्रिया । सरेख ।

२. किसी दूसरे की बात का किसी तीसरे के द्वारा समर्थन । सामने का निश्चय । तसदीक ।

३. देहाती लेनदेन की एक रीति जिसके अनुसार कोई जमींदार किसी महाजन से ऋण लेने के समय उसके चुकाने का भार उस महाजन के सामने अपने काश्तकारों पर छोड़ देता है और काश्तकारों से लगान के मद्धे उसका स्वीकार करा देता है । यौ॰—सही जमीग ।