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जरगह

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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जरगह संज्ञा स्त्री॰ [फ़ा॰ जर + जियाह] एक धास जिसे चौपाये बड़े स्वाद से खाते हैं । विशेष—यह धास राजपूताने आदि में बहुत बोई जाती हैं । किसान इसे खेतों में कियारियाँ बनाकर बोते हैं और छठे सातवें दिन पानी देते हैं । पंद्रह बीस दिन में यह काटने लायक हो जाती है । एक बार बोने पर कई महीनों तक यह बराबर पंद्रहवें दिन काटी जा सकती है । यह दाने की तरह दी जाती है और बैल घोड़े इसके खाने से जल्दी तैयार हो जाते है ।