जरदा
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]जरदा ^१ संज्ञा पुं॰ [फ्रा॰ जर्दह्]
१. एक प्रकार का व्यंजन जिसे प्रायः मुसलमान लोग खाते हैं । विशेष—इसके बानाने की विधि यह है कि चावल में पहले हल्दी डालकर इसे पानी में उबालते हैं । फिर उसमें से पानी पसा लेते है और उसे दूसरे बर्तन में धी डालकर शक्कर के शर्बत में पकाते हैं । पीछे से इसमें लौंग, इलायची आदि सुगंधित द्रव्य और मसाले छोड़ दिए जाते हैं ।
२. एक विशेष क्रिया से बनाई हुई खाने की सुगंधित सुरती । विशेष—यह प्रायः काले रंग की होती है और पान दोहरा, आदि के साथ खाई जाती है । यह पीले और लाल रंग की भी बनाई जाती है । वाराणसी इसका एक प्रमुख व्यापार- केंद्र हैं । यौ॰—जरदाफरोश=जरदा बेचनेवाला ।
३. पीले रंग का का घोड़ा । उ॰—जरदा जिरही जाँग सुनौची ऊदे खंजन ।—सुजान॰, पृ॰ ८ ।
४. पीली आँख का कबूतर ।
५. पीले रंग की एक प्रकार की छींट ।
जरदा ^२ संज्ञा पुं॰ [फ्रा॰ जरदक] एक प्रकार का पक्षी । पीलू । विशेष—इसकी कनपटी पीली, पीठ खाली, पेट सफेद और चोंच तथा पैर पीले होते हैं । इसे पीलू भी कहते हैं ।