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जलधरमाला

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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जलधरमाला संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]

१. बादलों की श्रीणी ।

२. बारह अक्षरों की एक वृत्ति जिसके प्रत्येक चरण में क्रमशः मगण, भगण, सगण और मगण (SSS, SII, IIS, SSS) होते हैं । जैसे—मो भासै मोहन हमको दै योगा । ठानो ऊधो उन कुबजा सों भोगा । साँचो ग्वालागन कर नेहा देखी । प्रेमाभक्ती जलधरमाला लेखो ।