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जलस्तम्भ

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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जलस्तंभ संज्ञा पुं॰ [सं॰ जलस्तम्भ] एकक दैवी घटना जिसमें जलाशयों या समुद्र में आकाश से बादल झुक पड़ते हैं और बादलों से जल तक एक मोटा स्तंभ सा बन जाता है । सूंड़ी । विशेष—यह जलस्तंभ कभी कभी सौ गज तक व्यास का होता है । जब यह बनने लगता है, तब आकाश में बादल स्तंभ के समान नीचे झुकते हुए दिखाई पड़ते हैं और थोड़ी ही देर में बढ़ते हुए जल तक पहुँचकर एक मोटे खंभे का रूप धारण कर लेते हैं । यह स्तंभ नीचे की ओर कुछ अधिक चौड़ा होता है । यह बीच में भूरे रंग का, पर किनारे की ओर काले रंग का होता है । इसमें एक केंद्ररेखा भी होती है जिसके आस पास भाप की एक मोटी तह होती है । इससे जलाशय का पानी ऊपर को खिंचने लगता है और बड़ा शोर होता है । यह स्तंभ प्रायः घंटों तक रहता है और बहुधा बढ़ता भी है । कभी कभी कई स्तंभ एक साथ ही दिखाई पड़ते हैं । स्थल में भी कभी कभी ऐसा स्तंभ बनता है जिसके कारण उस स्थान पर जहाँ वह बनता है, गहरा कुंड बन जाता है । जब यह नष्ट होने को होता है, तब ऊपर का भाग तो उठकर बादल में मिल जाता है और नीचे का पानी हो कर पानी बरस पड़ता है । लोग इसे प्रायः अशुभ और हानिकारक समझते हैं ।