जलहरण
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]जलहरण संज्ञा पुं॰ [सं॰] बत्तीस अक्षरों की एक वणंवृति या दंडक जिसके अंत में दो लघु पड़ते हैं । इसमें सोलहवें वर्ण पर थति होती है । जैसे,—भरत सदा ही पूजे पादुका उतै सनेम, इते राम सिय बंधु सहित सिधारे बन । सूपनखा कै कुरूप मारे खल झुँड घने, हरी दससीस सीता राघव विकल मन ।