जले
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]जले फफोले फोड़ना=दुःखी या व्यथित व्यक्ति को किसी प्रकार, विशेषकर अपना बदला चुकाने की इच्छा से, और अधिक दुःखी या ब्यथित करना । जले पाँव की बिल्ली=जो स्त्री हरदम घूमती फिरती रहे और एक स्थान पर न ठहर सके ।
४. बहुत अधिक डाह । ईर्ष्या या द्वेष आदि के कारणा कुढ़ना । मन हो मन संतप्त होना । यौ॰—जलना भूनना=बहुत कुढ़ना । मुहा॰—जली कटी या जली भूनी बात=वह लगती हुई बात जो द्वेष, डाह या क्रोध आदि के कारण बहुत व्यथित होकर कही जाय । जल मरना=डाह या ईर्ष्या आदि के कारण बहुत कुढ़ना । द्वेष आदि के कारण बहुत व्यथित हो उठना । उ॰— तुम्ह अपनायो तब जनिहौं जब मनु फिरि परिहैं । हरखिहै न अति आदरे निदरे न जरि मरिहै ।—तुलसी (शब्द॰) ।