जहँ
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]जहँ पु † क्रि॰ वि॰ [सं॰ यत्र, प्रा॰ जथ्थ, अप॰ जहँ] दे॰ 'जहाँ' । उ॰—अग्ग गयौ गिरि मिकट विकट उद्यान भयंकर । जहँ न खबरि दिसि बिदसि बहुत जहँ जीव खयंकर ।—पृ॰ रा॰, ६ । ९४ । यौ॰—जहँ जहँ = जहाँ जहाँ । जिस जिस जगह । उ॰—जहँ जहँ चरण पड़े संतन के तहँ तहँ बंटाधार ।—कहाबत (शब्द॰) । जहँ तहँ = जहाँ तहाँ । यत्र तत्र । उ॰—जहँ तहँ लोगन्ह डेरा कीन्हा । भरत सोधु सबही कर तीन्हा ।— मानस, २ ।१९८ ।