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जाँघा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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जाँघा † संज्ञा पुं॰ [देश॰]

१. हक ।—(पूरबी) ।

२. कुएँ के ऊपर गड़ारी रखने का खंभा ।

३. लकड़ी या लोहे का वह धुरा जिसमें गड़ारी पहनाई हुई होती है ।