जांबबंत
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]जांबबंत संज्ञा पुं॰ [सं॰ जाम्बवत् > जाम्बवन्त] दे॰ 'जांबवान्' । उ॰—(क) महाधीर गंभीर वचन सुनि जांबवंत समझाए । बढ़ी परस्पर प्रीति रीति तब भूषण सिया दिखाए ।—सूर (शब्द॰) । (ख) जांबवंत सुतासुत कहाँ मम सुता बुद्धि वंत पुरुष यह सव संभारैं ।—सूर (शब्द॰) ।