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जातिबैर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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जातिबैर संज्ञा पुं॰ [सं॰ जातिवैर] स्वाभाविक शत्रुता । सहज बैर । विशेष—महाभारत में जातिवैर पाँच प्रकार का माना गया है,— (

१. ) स्त्रीकृत । (

२. ) वास्तुज । (

३. ) वाग्ज । (

४. ) सापत्न ओर (

५. ) अपराधज ।