जिह्वाग्र
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]जिह्वाग्र ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰] जीभ की नोक । टूँड़ । मुहा॰—जिह्वाग्र फरना = कंठस्थ करना । जबानी याद करना । किसी विषय को इस प्रकार रटना या घोखना कि उसे जब चाहे तब कह डाले । जिह्वाग्र होना = जबानी याद होना ।
जिह्वाग्र ^२ वि॰ याद रखनेवाला या वाली (चीज या ग्रंथ) ।