जीवदान
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]जीवदान संज्ञा पुं॰ [सं॰] अपने वश में आए हुए शत्रु को न मारने या छोड़ देने का कार्य । प्राणदान । प्राणरक्षा । उ॰— खंग लै ताहि भगवान मारन चले रुक्मिणी जोरि कर विनय कीयो । दोष इन कियो मोहि क्षमा प्रभु कीजिए भद्र करि शीश जिवदान दीयौ ।— सूर (शब्द॰) ।