जुग्त
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]जुग्त संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ युक्ति] दे॰ 'युक्ति' । उ॰— जोग जुग्त ते भरम न छूटै जब लग आपन सूझै । कहै कबीर सोइ सतगुरु पूरा जो कोइ समझै बूझै ।—कबीर श॰, भा॰ १, पृ॰ ५२ ।
जुग्त संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ युक्ति] दे॰ 'युक्ति' । उ॰— जोग जुग्त ते भरम न छूटै जब लग आपन सूझै । कहै कबीर सोइ सतगुरु पूरा जो कोइ समझै बूझै ।—कबीर श॰, भा॰ १, पृ॰ ५२ ।