जुठारना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]जुठारना क्रि॰ स॰ [हि॰ जूठा]
१. खाने पीने की किसी वस्तु को कुछ खाकर छोड़ देना । खाने पीने की किसी वस्तु में मुँह लगाकर उसे अपवित्र या दूसरे के व्यबहार के अयोग्य करना । उच्छिष्ट करना । विशेष— हिंदू आचार के अनुसार जूठी वस्तु का खाना निषिद्ध समझा जाता है । संयो॰ क्रि॰ —ड़ालना । देना ।
२. किसी वस्तु को भोग करके उसे किसी दूसरे के व्यवहार के अयोग्य कर देना ।