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जुल्मात

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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जुल्मात संज्ञा पुं॰ [अ॰ जुल्मात] [ जुल्मत का बहुव॰]

१. गंभीर अँधेरा । उ॰— डूब्या जाके मगरिब के जुल्मात में । लगे दीपने ज्यों दिवे रात में । —दक्खिनी॰, पृ॰ ८३ ।

२. वह घोर अंधकार जो सिकंदर को अमृतकुंड तक पहुँचने में पड़ा था (को॰) ।