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जूवा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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जूवा ^१ संज्ञा पुं॰ [हिं॰ जूआ] दे॰ 'जुआ' । उ॰— टाँड़ा तुमने लादा भारी । बनिज किया पूरा बेपारी । जूवा खेला पूँजी हारी । अब चलने की भई तयारी ।—कबीर श॰, भा॰ १, पृ॰ ६ ।

जूवा ^२पु वि॰ [हिं॰] दे॰ 'जुदा' । उ॰— नामरूप गुन जूवा जूवा पुनि ब्यवहार भिन्न ही ठाट । —सुंदर ग्रं॰, भा॰ १, पृ॰ ७३ ।