जेरी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]जेरी संज्ञा स्त्री॰ [?]
१. दे॰ 'जेर ^१' ।
२. वह लाठी जो चरवाहे कँटीली झाड़ियाँ इत्यादि हटाने या दबाने के लिये सदा अपने पास रखते है । उ॰— उतहि सखा कर जेरी लीन्हें गारी देहि सकुच तोरी की । इतहि सखा कर बाँस लिए बिच मारु मची झोरा झोरी की ।—सूर (शब्द॰) ।
३. खेती का एक औजार जो फरुई के आकार का काठ का होता है । इसका व्यवहार अन्न दाँवने के समय पुआल हटाने में होता है । सिचाई के लिये दौरी चलाने में भी यह काम में आता है ।