जैसा

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

जैसा ^१ वि॰ [सं॰ याद्य्श, प्रा॰ जारिस॰ पैशाची जइस्सो वि॰ स्त्री॰ जैसी]

१. जिस प्रकार का । जिस रूप रंग, आकृति या गुण का । जैसे,— (क) जैसा देवता वैसी पूजा । (ख) जैसा राजा वैसी प्रजा । (ग) जैसा कपडा़ है वैसी सिलाई भी होनी चाहिए । मुहा॰—जैसा चाहिए = ठीक । उपयुक्त । जैसा उचित हो । जैसा तैसा = दे॰ 'जैसे तैसे' । जैसे,—काम जैसा तैसा चल रहा है । जैसे का तैसा = ज्यों का त्यों । जिनमें किसी प्रकार की घटती बढ़ती या फेरफार आदि न हुआ हो । जैसा पहले था, वैसा ही । जैसे—(क) दरजी के यहाँ अभी कपडा़ जैसे का तैसा रखा है, हाथ भी नहीं लगा है । (ख) खाना जैसे का तैसा पडा़ है, किसी ने नहीं खाया । (ग) वह साठ वर्ष का हुआ पर जैसे का तैसा बना हुआ है । जैसे को तैसा = (१) जो जैसा हो उसके साथ वैसा ही व्यवहार करनेवाला । (२) जो जैसा हो उसी प्रकृति का । एक ही स्वभाव या प्रकृति का । उ॰— जैसे को तैसा मिलै, मिलै नीच को नीच । पानी में पानी मिलै, मिलै कीच में कीच ।—(शब्द॰) ।

२. जितना । जिस परिमाण का या मात्रा का । जिस कदर । ( इस अर्थ में केवल विशेषण के साथ प्रयुक्त होता है ।) जैसे,— जैसा अच्छा यह कपडा़ है, वैसा वह नहीं है । विशेष—संबंध पूरा करने के लिये जो दूसरा वाक्य आता है वह वैसा शब्द के साथ आता है ।

३. समान । सदृश । तुल्य । बराबर । जैसे,— उस जैसा आदमी ढूँढे न मिलेगा ।

जैसा ^२ क्रि॰ वि॰ [हिं॰] जितना । जिस परिमाण या मात्रा में । जैसे,—जैसा इस लड़के को याद है वैसा उस लड़के को नहीं ।