सामग्री पर जाएँ

जोगवना

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

जोगवना क्रि॰ स॰ [सं॰ योग + अवना (प्रत्य॰)]

१. किसी वस्तु को यत्न से रखना जिसेमें वो नष्ट भ्रष्ट न हो पाए । रक्षित रखना । उ॰— जिवन मुरि जिमि जोगवत रहऊँ । दीप बाति नहिं टारन कहऊँ ।—तुलसी (शब्द॰) ।

२. संचित करना । बटोरना ।

३. लिहाज रखना । आदर करना । उ॰— ता कुभातु को मन जोगवत ज्यों निज तन मर्म कुभाउ ।—तुलसी (शब्द॰) ।

४. दर गुजर करना । जाने देना । कुछ ख्याल न करना । उ॰— खेलत संग अनुज बालक नित जोगवत अनट अपाउ ।—तुलसी (शब्द॰) ।

५. पूरा करना । पूर्ण करना । उ॰—काय न कलेस लेस लेत मानि मन की । सुमिरे सकुचि रुचि जोगवत जन की ।—तुलसी (शब्द॰) ।