सामग्री पर जाएँ

जोनराज

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

जोनराज संज्ञा पुं॰ [देश॰] राजतरंगिणी के द्धितीय लेखक जिन्होंने सं॰ १२०० के बाद का हाल लिखा है । इनका लिखा हुआ 'पृथ्वीराजविजय' नामक एक ग्रंथ और 'किरातार्जूनीय' की एक टीका भी है ।