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झरुमुट

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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झरुमुट संज्ञा पुं॰ [सं॰ झुट(=झाड़ी)]

१. कई झाड़ों या पत्तों आदि का ऐसा समूह जिससे कोई स्थान ढक जाय । एक ही में मिले हुए या पास पास कई झाड़ या क्षुप । उ॰— आनँदघन बिलोदझर झुरमुट लखें बनै न परत भाख्यौ । — धनानंद, पृ॰ ४४५ ।

२. बहुत से लोगों का समूह । गिरोह । उ॰— खन इक मँह झुरमुट होइ बीता । दर मँह चढे़ रहैं सो जीता ।— जायसी (शब्द॰) ।

३. चादर या ओढ़ने आदि से शरीर को चारों ओर से छिपाने या ढक लेने की क्रिया । मुहा॰— झुरमुट मारना= चादर या ओढ़ने आदि से सारा शरीर इस प्रकार ढक लेना कि जिसमें जल्दी कोई पहचान न सकै ।