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झलकना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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झलकना क्रि॰ अ॰ [सं॰ झल्लिका (= चमक)]

१. चमकना । दमकना । उ॰—झलका झलकत पायन्ह कैसे । पंकज कोस ओस कन जैसे ।—तुलसी (शब्द॰) ।

२. कुछ कुछ प्रकट होना । आभास बोना । जैसे,—उनकी आज की बातों से झलकता था कि वे कुछ नाराज हैं । उ॰—कुंडल लोल कपोलनि झलकत मनु दरपन मैं झाँई री ।—सूर॰, १० ।१३७ ।