झाँवर
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]झाँवर ^१ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ ड़ावर] वह नीची भूमि जिसमें वर्षाकाल में जल भर लाता है और जिसमें मोटा अन्न जमता है । डावर । विशेष— ऐसी भूमि धान के लिये बहुत उपयुक्त होती है ।
झाँवर ^२ † वि॰ [सं॰ श्यामल] [वि॰ स्त्री॰ झाँवरी]
१. झाँवे के रंग का । कुछ कुछ काले रंग का ।
२. मलिन । उ॰— साँची कहों रावरे सों झाँवरे लगैं तमाल ।— (शब्द॰) ।
३. मुरझाया हुआ । कुम्हलाया हुआ ।
४. शिथिल । भंद । सुस्त । उ॰— निसि न नींद आवै दिवस न भोजन पावै जितवत मग भई दृष्टि झाँवरौ ।— सूर (शब्द॰) ।