झारि
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]झारि ^१पु † वि॰ [हिं॰ झार] दे॰ 'झार ^१' । उ॰— कहहु सुमंत विचारि केहि बालक घोटक गह्यो । बसैं इहाँ ऋषि झारि क्षत्रिन कर न निवास इत ।— (शब्द॰) ।
झारि पु संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ झड़ी या सं॰ धार (= धारा)] अनवरत वर्षा की झड़ी । अखंड़ बूँदों की धारा । उ॰— मेघनि जाइ कही पुकारि । सात दिन भरि बरसि ब्रज पर गई नैकु न झारि ।— सूर॰, १० ।८८२ ।