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झिझकारना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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झिझकारना क्रि॰ स॰ [अनु॰]

१. दे॰ 'झझकारना' । उ॰— वोही ढँग तुम रहै कन्हाई सबै उठी झिझकारि । लेहु असीस सवन के मुख ते कताहि दिवावत गारि ।—सूर (शब्द॰) ।

२. दे॰ 'झटकना' । उ॰— रसना मति इत नैना निज गुन लीन । कर में पिय झिझकारे अजुगति कोन ।—रहीम (शब्द॰) ।