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झीँखना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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झीँखना ^१ क्रि॰ अ॰ [प्रा॰ झंख, हिं॰ खीजना]

१. किसी आनिवार्य अनिष्ट के कारण दुःखी होकर बहुत पछताना और कुढ़ना । खीजना ।

२. दुखड़ा रोना । अपनि विपत्ति का हाल सुनाना । उ॰— खाट पड़े नर झींखन लागे, निकासि प्रान गयो चोरी सी ।— कबीर सा॰, सं॰ भा॰, २, पृ॰ ५ ।