झूकना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]झूकना पु † क्रि॰ अ॰ [हिं॰ झूँखना] दे॰ 'झोंखना' । उ॰— (क) जाकौ दीनामाथ निवाजैं । भवसागर मैं कबहुँ न झूकै अभथ निसाने वाजे ।— सूर॰, १ ।३६ । (ख) पावस रितु वरसै जब मेहा । झुकति मरौं हौं सुमिरि सनेहा ।— हिं॰ प्रेमगाथा॰, पृ॰ २२० ।