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झोँकना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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झोँकना क्रि॰ स॰ [हिं॰ झोंक]

१. झटके के साथ एकबारगी किसी वस्तु को आगे की ओर फेंकना । वेग से सामने की ओर डालना । फेंककर छोड़ना । जैसे, भाड़ में पत्ते झोंकना । इंजन में कोयला झोंकना । आँख में धूल झोंकना । संयो॰ क्रि॰—देना । मुहा॰ — भाड़ झोंकना = (१) भाड़ में सूखे पत्ते आदि फेंकना ।

२. तुच्छ ब्यवसाय करना (व्यंग्य में) । जैसे— इतने दिन दिल्ली में रहे, भाड़ झोंकते रहे ।

२. ढकेलना । ठेलना । जबरदस्ती आगे की और बढ़ाना या करना । जैसे— उसने मुझे एकबारगी आगे की ओर झोँक दिया ।

३. अंधाधुंध खर्च करना । बहुत अधिक व्यय करना । बहुत अधिक खर्च करना । बहुत अघिक किसी काम में लगाना । जैसे, व्याह शादी में रुपया झोंकना । संयो॰ क्रि॰—देना ।—डालना ।

४. किसी अपत्तिया दुःख के स्थान में डालना । भय या कष्ट के स्थान में कर देना । बुरी जगह ठेलना । जैसे—(क) तुमने हमें कहाँ लाकर झोंक दिया, दिन रात आफत में जान पड़ी रहती है । (ख) उसने अपनी लड़की को बुरे घर झोंक दिया ।

५. कार्य का बहुत अधिक भार देना । बहुत ज्यादा काम ऊपर डालना । बिना सोचे समझे काम लादना । जैसे— तुम जो काम होता है हमारे ही ऊपर झोंक देते हो ।

६. बिना विचारे आरोपित करना । (दोष आदि) मढ़ना । (दोष) लगाना । जैसे—सारा कसूर उसी पर झोंकते हो ।