टरकना

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

टरकना क्रि॰ अ॰ [हिं॰ टरना]

१. चला जाना । हट जाना । खिसक जाना । टल जाना । संयो॰ क्रिय॰—जाना । मुहा॰—टरक देना= धीरे से चला जाना । चुपचाप हट जाना । जैसे,—जब काम का वक्त आता है तो वह कहीं टरक देना है । पु † (२) टर टर करना । कर्कश स्वर से बोलना । उ॰—टर्र टर्र टरकन लगे दसहु दिसा मंडूक ।—गोपाल (शब्द॰) ।