टिकटिकी
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]टिकटिकी ^१ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ टिकठी]
१. तीन तिरछी खड़ी की हुई लकड़ियों का एक ढाँचा जिससे अपराधियों के हाथ पैर बाँधकर उनके शरीर पर बेत या कोड़े लगाए जाते हैं । ऊँची तिपाई जिसपर अपराधियों को खड़ा करके उनके उनके गले में फाँसी लगाते हैं । टिकठी ।
२. ऊँची तिपाई । टिकठी । मुहा॰—टिकटिकी पर खड़ा करना = लड़ई में न हटनेवाले चोट खाकर मरे हुए मुरगे को तीन लकड़ियों पर खड़ा करना । विशेष—मुरगों की लड़ाई में जब कोई बहादुर मुरगा लड़ते ही लड़ते चोट खाकर मर जाता है और मरते दम तक नहीं हटता है, तब उसके शरीर को तीन लकड़ियों पर खड़ा कर देते हैं । यदि दूसरा मुरग लात मारकर उसे लकड़ी के नीचे गिरा देता है तो उसकी जीत समझी जाती है और यदि वह किसी और तरफ चला जाता हैं तो मरे हुए मुरगे की जीत समझी जाती है ।
टिकटिकी ^२ संज्ञा स्त्री॰ [देश॰] आठ नौ अंगुल लंबी एक चिड़िया जिसका रंग भूरा और पैर कुछ लाली लिए होते हैं । विशेष—जाड़े में यह सारे भारतवर्ष में देखी जाती है और प्राय: जलाशयों के किनारे झाड़ियों में घोंसला बनाती है । यह एक बार में चार अंडे देती है ।
टिकटिकी ^३ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰] दे॰ 'टकटकी' ।