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टेकाना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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टेकाना † क्रि॰ स॰ [हिं॰ टेकना]

१. किसी वस्तु को कहीं ले जाने में सहायता देने के लिये पक़ड़ना । उठाकर ले जाने में सहारा देने के लिये थामना । जैसे,—चारपाई को टेका लो, भीतर कर दें । संयो क्रि॰—देना ।—लेना ।

२. उठने बैठने या चलते फिरने में सहायता देने के लिये थामना । जैसे,—ये इतने कमजोर हो गए हैं कि दो आदमी टेकाकर उन्हें भीतर बाहर ले जाते हैं ।