टेरना
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]टेरना ^१ क्रि॰ स॰ [हिं॰ टेर + ना (प्रत्य॰)]
१. ऊँचे स्वर से गाना । तान लगाना ।
२. बुलाना । पुकारना । हाँक लगाना । उ॰—(क) भई साँझ जननी टेरत है कहाँ गए चारो भाई ।—सूर (शब्द॰) । (ख) फिरि फिरि राम सीय तन हेरत । तृषित जानि जल लेन लखन गए, भुज उठाय ऊँचे चढ़ि टेरत ।—तुलसी ।—(शब्द॰) ।
टेरना ^२ क्रि॰ सं॰ [सं॰ तीरण( = तै करना)]
१. तै करना । चलता करना । निबाहना । पूरा करना । जैसे,—थोडा़ सा काम और रह गया है किसी प्रकार टेर ले चलो ।
२. बिताना । गुजारना । काटना । जैसे,—वह इसी प्रकार जिंदगी टेर ले जायगा । संयो॰ क्रि॰—ले चलना ।—ले जाना ।