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ठूँठ

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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ठूँठ संज्ञा पुं॰ [हिं॰ टूटना, वा सं॰ स्थाणु, या देशी ठुँठ ( = स्थाणु)]

१. ऐसे पेड़ की खड़ी लकड़ी जिसकी डाल, पत्तियाँ आदि कट गई हों । सूखा पेड़ ।

२. कटा हुआ हाथ । ठुंडा । उ॰— विद्या विद्या हरण हित पढ़त होत खल ठूँठ । कह्यो निकारो मीन को घुसि आयो गृह ऊँट ।—विश्राम (शब्द॰) ।

३. एक प्रकार का कीड़ा जो ज्वार, बाजारे, ईख आदि की फसल में लगता है ।