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ठेप

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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ठेप ^१ संज्ञा स्त्री॰ [देश॰] सोने चाँदी का इतना बड़ा टुकड़ा जो अंटी में आ सके ।—(सुनार) । विशेष—सुनार सोना या चाँदी गायब करने के लिये उसे इस प्रकार अंटी में लेते हैं । क्रि॰ प्र॰—चढ़ाना ।—लगाना ।

ठेप ^२ संज्ञा पुं॰ [सं॰ दीप] दीपक । चिराग ।