डाक

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हिन्दी[सम्पादन]

संज्ञा[सम्पादन]

सन्देश भेजने हेतु उपयोग किया जाने वाला वस्तु

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

डाक ^१ संज्ञा पुं॰ [हिं॰ उड़ाँक या उलाँक या डाँअकना (फाँदना)]

१. सवारी का ऐसा प्रबंध जिसमें एक एक टिकान पर बराबर जानवर आदि बदले जाते हों । घोड़े गाड़ी आदि का जगह जगह इंतजाम ।

डाक ^२ संज्ञा स्त्री॰ [अनु॰] धमन । उलटी । कै । क्रि॰ प्र॰— होना ।

डाक ^३ संज्ञा पुं॰ [अं॰ डाँक] समुद्र के किनारे जहाज ठहरने का वह स्थान जहाँ मुसाफिर या माल चढ़ाने उतारने के लिये बाँध या चबूतरे आदि बने होते हैं ।

डाक ^४ संज्ञा पुं॰ [बंग॰ डाकना( = चिल्लाना)] नीलाम की वोली । नीलाम की वस्तु लेनेवालों की पुकार जिसके द्वारा वे दाम लगाते हैं ।