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डिगना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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डिगना क्रि॰ अ॰ [सं॰ टिक (= हिलना । डोलना)]

१. हिलना । टलना । खिसकना । हटना । सरकना । जगह छोड़ना । जैसे,— उस भारी पत्थर को कई आदमी उठाने गए पर वह जरा भी न डिगा । उ॰—असवार डिगत बाहन फिरैं, भिरैं भूत भैरव विकट ।—हम्मीर॰, पृ॰ ५८ । संयो॰ क्रि॰—जाना ।

२. किसी बात पर स्थिर न रहना । प्रतिज्ञा छोड़ना । सँकल्प वा सिद्धांत पर दृढ़ न रहना । बार पर जमा न रहना । विचलित होना । संयो॰ क्रि॰—जाना ।