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डिढ्या

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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डिढ्या † संज्ञा स्त्री॰ [देश॰] अत्यंत लालच । लालसा । कामना । तृष्णा । उ॰—संग्रह करने की लालसा प्रबल हुई तो जोरी सै, चोरी सै, छल सै, खुशामद सै, कमाने की डिढया पड़ेगी और खाने खर्चने के नाम सै जान निकल जायगी ।—श्रीनिवास दास (शब्द॰) ।