ढुकना

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

ढुकना क्रि॰ अ॰ [देश॰]

१. घुसना । प्रवेश करना । संयो॰ क्रि॰ —जाना ।

२. झुक पड़ना । टूट पड़ना । पिल पड़ना । एकबारगी किसी ओर धावा करना । संयो॰ क्रि॰—पड़ना ।

३. किसी बात को सुनने या देखने के लिये आड़ में छिपना । लुकना । घात में छिपना । जैसे, ढुककर कोई बात सुनना । किसी को पकड़ने के लिये ढुकना । उ॰— (क) ढुकी रही जहुँ तहँ सब गोरी । (ख) जउ न होत चारा कइ आसा । कित चिरिहार ढुकत लेइ लासा ।— जायसी (शब्द॰) ।