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ढोवा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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ढोवा † ^१ संज्ञा पुं॰ [?] धावा । आक्रमण । हमला । उ॰— पँच पँच मन की हाथनि गुरज । ढोवा ढारि ढहावैं बुरज ।— छिताई॰, पृ॰ ३४ । (ख) निसि वासरु ढोवा करै सोणित बहै प्रवाह ।— छिताई॰, पृ॰ ४२ ।

ढोवा † ^२ संज्ञा पुं॰ [हिं॰ ढोना]

१. ढोए जाने की क्रिया । ढोवाई ।

२. लूट । उ॰— सूनहि सून सँवरि गड़ रोवा । कस होइहि जो होइहि ढोवा ।— जायसी (शब्द॰) ।