तंडव

विक्षनरी से
Jump to navigation Jump to search


हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

तंडव पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ ताण्डव] नुत्पविशेष । एक प्रकार का नाट । जैसे,— दोऊ रति पंडित अखंडित करत काम तंडव सो मंडित कला कहूँ पूरन की ।— देव (शब्द॰) ।