तंत्रयुक्ति

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

तंत्रयुक्ति संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ तन्त्रयुक्ति] वह युक्ति जिसकी सहायता से किसी वाक्य का अर्थ आदि निकालने या समझने में सहायता ली जाय । विशेष— सुश्रुत संहिता में तंत्रयुक्तियाँ इस प्रकार की बताई गई हैं ।— अधिकरण, योग, पदार्थ, हेत्वर्थ, प्रदेश, अतिदेश, अपवर्ग, वाक्यशेष, अर्थापत्ति, विपर्यय, प्रसंग, एकांत अनेकांत, पूर्व पक्ष, निर्णय, अनुमत, विधान अनागतवेक्षण, अतिक्रांतावेक्षण, संशय, व्याख्यान, स्वसंज्ञा, निर्वचन, निदर्शन, नियोग, विकल्प, समुच्चय और ऊह्य ।